Tuesday, July 22, 2014

आस्था का पर्व है कांवड़ यात्रा


भगवान ‪आशुतोष‬ देवी गंगा को ज्येष्ठ दशहरा को इस पृथ्वी पर लेकर आए थे। गंगा उनकी जटाओं में विराजमान हुईं। इसलिए भगवान शंकर को गंगा अत्यंत प्रिय हैं ।
‪गंगाजल‬ के अभिषेक से वह अत्यंत प्रसन्न होते हैं । इसी के साथ दुग्ध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से भगवान आशुतोष भक्त पर प्रसन्न होते हैं और उस पर कृपा करते हुए मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं ।
श्रावण मास भगवान शिव की साधना का सर्वश्रेष्ठ समय है इसीलिए श्रद्धालु श्रावण मास में सोमवार के व्रत रखते हैं और भगवान भोलेशंकर की आराधना करते हुए उनके प्रिय पदार्थ उन्हें अर्पित करते हैं।
भारत में श्रावण मास में शिवभक्ति का विराट रूप और आस्था का अनंत प्रवाह
कांवड़ यात्रा के रूप में दृष्टिगोचर होता है।
"ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव"
हर हर गंगें..!!